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राज्य सरकार अपने खर्च पर प्रदेश के सात शहरों अयोध्या, मथुरा-वृंदावन, गोरखपुर, शाहजहांपुर, गाजियाबाद, मेरठ और फिरोजाबाद को नए साल से स्मार्ट सिटी बनाने का काम शुरू कराने जा रही है। पहले चरण में इन शहरों में 50-50 करोड़ रुपये का काम होगा। स्थानीय निकाय निदेशालय ने संबंधित शहरों के नगर आयुक्तों को डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश में मौजूदा समय में 17 नगर निगम हैं। इनमें से केंद्र सरकार ने 10 शहरों, आगरा, कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, अलीगढ़, वाराणसी, झांसी, बरेली, सहारनपुर और मुरादाबाद को स्मार्ट सिटी परियोजना के लिए शामिल किया है। इन शहरों में स्मार्ट सिटी परियोजना में काम चल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शेष सात बचे नगर निगमों को अपने खर्च पर स्मार्ट सिटी बनाने का फैसला किया है। इसके लिए बजट की व्यवस्था भी हो चुकी है, लेकिन इन सभी नगर निगमों का डीपीआर नहीं बन पाया है। मुख्यमंत्री की समीक्षा के बाद स्थानीय निकाय निदेशालय ने सातों नगर निगमों को माह के अंत तक डीपीआर भेजने का निर्देश दिया है। उनसे कहा गया है डीपीआर के आधार पर उन्हें पैसा दिया जाएगा और नए साल से उन्हें काम शुरू कराना होगा।
ये काम कराए जाएंगे
- जरूरत के आधार पर आधुनिक बस स्टाप बनाए जाएंगे
- 24 घंटे जलापूर्ति की व्यवस्था की जाएगी
- पुराने क्षेत्रों को हेरिटेज के रूप में विकसित किया जाएगा
- प्रमुख स्थानों पर मुफ्त वाईफाई की सुविधाएं दी जाएगी
- शहर के सभी घरों में सीवर के कनेक्शन अनिवार्य रूप से दिए जाएंगे
- घनी आबादी वाले शहरों की सड़कें चौड़ी की जाएंगी
- कूड़ा फेंकने के लिए जरूरत के आधार पर डस्टबिन रखे जाएंगे
- मुख्य मार्गों के किनारे सुंदरीकरण के लिए गमले रखाए जाएंगे और पौधे लगाए जाएंगे
- शहरों में और बेहतर सुधार के लिए लोगों के सुझाव भी लिए जाएंगे
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